15 अगस्त 2019 - 11:59
कड़ी सुरक्षा के बीच मनाया जा रहा है कि भारत का स्वतंत्रता दिवस, लाल क़िले से प्रधानमंत्री मोदी ने दिया कश्मीर पर अहम बयान

भारत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। राजधानी दिल्ली समेत देश के तमाम बड़े शहरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले में आयोजित मुख्य समारोह में भाषण करते हुए कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बारे में कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख़ के लोगों के आकांक्षाएं पूरी करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जो लोग धारा 370 की वकालत करते हैं उनसे देश पूछ रहा है कि अगर यह धारा इतनी महत्वपूर्ण थी तो 70 साल तक प्रचंड बहुमत होने के बाद भी इसे स्थायी क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उनके लिए देश का भविष्य ही सब कुछ है और इसके मुक़ाबले में राजनीतिक भविष्य कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जब लाल किले से मैं देश को संबोधित कर रहा हूं तो मैं गर्व के साथ कहता हूं कि आज हर हिंदुस्तानी गर्व के साथ कह सकता हैः एक देश, एक संविधान।

 

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35-ए, इस सरकार की पहचान है कि हम न तो समस्याओं को टालते हैं न ही पालते हैं। उन्होंने कहा कि जो काम पिछले सत्तर साल में नहीं हुआ उसे नई सरकार ने 70 दिन के भीतर कर दिखाया। मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35-ए हटाने का बिल संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत से पास किया गया है जिसका अर्थ यह है कि सबके दिल में यह बात थी लेकिन आगे कौन आए, इस की प्रतीक्षा थी।

 

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि नई सरकार ने 10 सप्ताह भी पूरे नहीं किए हैं, लेकिन इस छोटे समय में सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण क़दम उठाए गए हैं। 10 सप्ताह के भीतर हमारी मुस्लिम माताओं बहनों को उनका अधिकार दिलाने के लिए क़ानून बनाया गया। आतंक से जुड़े कानूनों मे मूल परिवर्तन करके उनको नई ताक़त दी गई और आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई को और मज़बूत करने का काम किया गया।  नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज़ादी के सत्तर साल बाद हम 2 ट्रिलियन की अर्थव्यस्था पर पहुंचे थे लेकिन 2014 से 2019 के बीच हम दो से तीन ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गए और आने वाले पांच साल में हम पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था पर पहुंच सकते हैं। मोदी ने कहा कि देश को नई ऊंचाइयों को पार करना है, विश्व में अपना स्थान बनाना है और हमें अपने घर में ही ग़रीबी से मुक्ति पर बल देना है और यह किसी पर उपकार नहीं है। भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए हमें गरीबी से मुक्त होना ही है और पिछले 5 वर्षों में ग़रीबी कम करने की दिशा में बहुत सफल प्रयास हुए हैं।